“संत रामानुजाचार्य जयंती: धर्म, दर्शन और मानवता का संगम”

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आततायियों से स्वधर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए हुए भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में थे।

आज संत रामानुजाचार्य जी की जयंती है। रामानुजाचार्य का जन्म 1017 ईस्वी में दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में चेन्नई के निकट श्रीपेरंबदूर  नामक स्थान पर हुआ था। आततायियों से स्वधर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए हुए भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में थे। संत रामानुजाचार्य जी धर्मरक्षक, महान दार्शनिक, क्रांतिकारी, समाज सुधारक और विशिष्टाद्वैत वेदांत के प्रणेता व हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

संत रामानुजाचार्य जी के अनुसार देश की शक्ति सामाजिक समानता और सांस्कृतिक एकता में है, जहाँ हर नागरिक भक्ति और गरिमा का अधिकारी है। साथ ही 'वसुधैव कुटुंबकम' का बारे में बताया, जिसके अनुसार संपूर्ण जगत ईश्वर का शरीर है और सभी जीव एक ही परमात्मा की संतान है।

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