फिल्म आस्वादन कार्यक्रम में Bodh और ‘Entangled’ फिल्मों का प्रदर्शन

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अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर जी ने कहा कि उन्होंने ‘बोध’ को एक ऐसी फिल्म के रूप में रेखांकित किया जो दर्शकों को कहानी देखने के साथ-साथ उसके सामाजिक संदर्भों पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।

नई दिल्ली, 26 सितंबर 2026। भारतीय चित्र साधना एवं फिल्म आयाम, दिल्ली द्वारा आयोजित ‘फिल्म आस्वादन’ कार्यक्रम में सिनेमा के सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक पक्षों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में फिल्म जगत, साहित्य, कला एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया और फिल्मों की विषय-वस्तु, निर्माण प्रक्रिया तथा समाज पर उनके प्रभाव को लेकर विचार साझा किए।

कार्यक्रम में दो लघु फिल्मों ‘Entangled’ और ‘Bodh’ का प्रदर्शन किया गया। महत्वपूर्ण आकर्षण लघु फिल्म ‘Bodh’ रही। फिल्म का निर्देशन नरेंद्र कुमार वर्मा ने किया है, जबकि इसके निर्माता रितेश अग्रवाल हैं। फिल्म की विषय-वस्तु में प्रेम संबंधों, धर्म और पहचान से जुड़े संवेदनशील सामाजिक प्रश्नों को ‘लव जिहाद’ के विमर्श के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है।

‘फिल्म आस्वादन’ कार्यक्रम में सामाजिक चिंतक नरेंद्र ठाकुर जी ने कहा कि सिनेमा की ताकत केवल कहानी कहने में नहीं, बल्कि समाज के सामने ऐसे प्रश्न रखने में भी है, जिन पर संवाद की आवश्यकता महसूस होती है। उन्होंने ‘बोध’ को एक ऐसी फिल्म के रूप में रेखांकित किया जो दर्शकों को कहानी देखने के साथ-साथ उसके सामाजिक संदर्भों पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।

जब कोई फिल्म किसी संवेदनशील विषय को सामने लाती है, तो उसके माध्यम से दर्शकों के बीच विचार-विमर्श का अवसर बनता है। इसी दृष्टि से फिल्म आस्वादन जैसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यहां फिल्म देखने के बाद उसके विषय और दृष्टिकोण पर खुलकर चर्चा की जा सकती है।

‘बोध’ की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म के निर्देशक नरेंद्र कुमार वर्मा, निर्माता रितेश अग्रवाल तथा फिल्म की पूरी कास्ट और क्रू उपस्थित रही। टीम के सदस्यों ने फिल्म के निर्माण, विषय के चयन और इसे पर्दे पर उतारने की प्रक्रिया से जुड़े अनुभव साझा किए। फिल्म की टीम की उपस्थिति ने कार्यक्रम को संवादात्मक रूप दिया। दर्शकों को फिल्म से जुड़े रचनात्मक पक्ष के साथ-साथ उसके निर्माण के दौरान सामने आई चुनौतियों और निर्देशक की दृष्टि को समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में प्रदर्शित दूसरी लघु फिल्म ‘Entangled’ का निर्देशन Sainath S Uslaikar ने किया है। फिल्म के निर्माता Milind Damle और Prajakta Damle हैं। फिल्म ने अपनी कहानी और प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों के सामने एक अलग सिनेमाई अनुभव रखा। इसके प्रदर्शन के बाद फिल्म की कथा, निर्देशन और प्रस्तुति शैली को लेकर भी चर्चा हुई।

कार्यक्रम में उपस्थित फिल्म प्रेमियों और सिनेमा से जुड़े लोगों ने फिल्मों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा की विविधता केवल बड़े बजट की फिल्मों में नहीं, बल्कि उन स्वतंत्र और लघु फिल्मों में भी दिखाई देती है जो नए विषयों और दृष्टिकोणों को सामने लाती हैं।

‘फिल्म आस्वादन’ इसी उद्देश्य की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया – जहां फिल्म देखी भी गई, समझी भी गई और उस पर संवाद भी हुआ।

 

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