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समालखा – राष्ट्र सेविका समिति की अर्धवार्षिक बैठक में जनसंख्या असंतुलन पर प्रस्ताव पारित

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तीन दिवसीय बैठक के समापन अवसर पर प्रमुख संचालिका शांताकुमारी जी ने कहा कि कुरुक्षेत्र की भूमि अपने भीतर के द्वंद्व को समाप्त कर स्थिर मन से समाज हित में दृढ़ संकल्प लेने का संदेश देती है।

समालखा, 26 जुलाई, 2026। राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय कार्यकारिणी एवं प्रतिनिधि मंडल की अर्धवार्षिक बैठक आज समालखा में संपन्न हुई। बैठक में प्रमुख संचालिका शांताकुमारी जी, प्रमुख कार्यवाहिका सीता गायत्री जी सहित 40 प्रांतों से 488 प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में फरवरी 2026 से अब तक विभिन्न स्तरों पर हुए समिति कार्य की समीक्षा की गई। पिछले 6 मास में कार्य युक्त जिलों तथा शाखा एवं मिलन की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्तमान में 852 जिलों में 4886 शाखाएँ, 1173 मिलन चल रहे हैं।

बैठक में राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना के 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कार्य वृद्धि के लिए हो रहे विविध उपक्रमों की चर्चा के साथ-साथ वर्तमान सामाजिक परिदृश्य एवं महिला और युवाओं की समस्या और उसके सम्भावित निराकरण के बारे में चर्चा की गई।

बैठक के अंतिम दिन जनसंख्या असंतुलन के कारणों और परिणाम पर चर्चा हुई और इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रस्ताव पारित किया। जिसमें देश की और राज्यों की सरकारों से सभी समुदायों के लिए समान राष्ट्रीय जनसंख्या नीति और समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग की गई।

तीन दिवसीय बैठक के समापन अवसर पर प्रमुख संचालिका शांताकुमारी जी ने कहा कि कुरुक्षेत्र की भूमि अपने भीतर के द्वंद्व को समाप्त कर स्थिर मन से समाज हित में दृढ़ संकल्प लेने का संदेश देती है। धर्म संस्थापना के लिए सर्वस्वार्पण का संकेत देने वाली इस भूमि से प्रेरणा लेकर हमें गुणवत्तायुक्त कार्य विस्तार का दृढ़ संकल्प लेना है। साथ ही कार्यकर्ता के नाते हमारे व्यक्तित्व को गढ़कर कार्य के लिए उपयुक्त बनाना है। 90 वर्ष की यात्रा तय कर के शतक की तरफ जाते हुए अपने चरणों को मजबूती से ध्येय की ओर निरंतर बढ़ाते जाना है।

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