राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. मनमोहन वैद्य जी ने कहा कि संघ शाखाओं के माध्यम से समाज को संगठित करने का कार्य करता है।
पटना, 11 अक्तूबर 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. मनमोहन वैद्य जी ने पटना महानगर द्वारा आयोजित विजयादशमी उत्सव में कहा कि संघ शाखाओं के माध्यम से समाज को संगठित करने का कार्य करता है। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में संगठनात्मक कार्यों के विस्तार के लिए संघ के विचार परिवार के अनेक संगठन सक्रिय हैं। इन संगठनों के माध्यम से कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ता राष्ट्रजीवन के विविध क्षेत्रों में मां भारती की सेवा में समर्पित हैं।
रविवार को राजेंद्र नगर स्थित शाखा मैदान में विजयादशमी उत्सव का आयोजन किया गया था। समारोह की अध्यक्षता महानगर संघचालक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने की। अलंकार मोटर्स के निदेशक कैप्टन उद्यम प्रियऋषप मुख्य अतिथि रहे।
डॉ. मनमोहन वैद्य जी ने संघ की सौ वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए समाज को संगठित करने और राष्ट्र जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग संघ से लगातार जुड़ रहा है। विगत महीने ‘जॉइन आरएसएस’ (Join RSS) के माध्यम से संघ से जुड़ने की इच्छा व्यक्त करने वालों में 60 प्रतिशत लोग 20 से 30 वर्ष आयु वर्ग के थे। आज देश के 60 प्रतिशत मंडलों में संघ की शाखा है। संघ की शाखाओं का लगातार विकास हो रहा है।
उन्होंने कहा कि संघ ने अपने शताब्दी वर्ष में राष्ट्र निर्माण के लिए पंच परिवर्तन का लक्ष्य रखा है। इसमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्त्तव्यबोध, पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी आचरण है।
सामाजिक समरसता का तात्पर्य है कि सभी जातियों, वर्गों, भाषाओं और क्षेत्रों के लोग आपस में मित्र और कुटुंब (परिवार) की तरह रहें। सभी हिन्दुओं के लिए मंदिर, पानी और श्मशान एक समान हो। कुटुंब प्रबोधन का आशय परिवार में संवाद बढ़ाने से है। उन्होंने सभी उपस्थित स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि कम से कम सप्ताह में एक बार अपने परिवार के साथ सकारात्मक माहौल में भोजन करें। उन्होंने प्रकृति के अनुकूल जीवनशैली अपनाने तथा अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं, विचारों और परंपराओं को अपनाने आग्रह भी किया। अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन करना भी राष्ट्र की सेवा है।
विजयादशमी पर्व की प्रासंगिकता पर कहा कि यह पर्व सत्य की असत्य पर तथा धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है। यह समाज को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, सद्भाव बनाए रखने और अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में पटना महानगर के सभी छह उपभाग के स्वयंसेवकों के साथ पदाधिकारी व समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

IVSK




