इस महाअभियान में लगभग 14,226 लोगों ने सहभागिता की, जिनमें से 2,453 से अधिक मातृ शक्ति एवं 4,254 से अधिक युवा शक्ति की उल्लेखनीय भागीदारी रही।
दिल्ली, 14 जून 2026। दिल्ली प्रान्त के आवाहन पर “14 जून, 14 घाट” अभियान के अंतर्गत दिनांक 14 जून 2026 को दिल्ली के विभिन्न 14 यमुना घाटों पर स्वच्छता एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इन घाटों में प्रमुख रूप से चिल्ला गाँव घाट; इंद्रप्रस्थ यमुना घाट निज़ामुद्दीन; ठोकर नम्बर -14,गीता कॉलोनी घाट; ठोकर नम्बर -18,गांधी नगर घाट; पुराना लोहे का पुल घाट; सिग्नेचर पुल,वज़ीराबाद घाट; ज़ीरो पुश्ता राधा कृष्णा घाट (सोनिया विहार); ढाई पुश्ता घाट (सोनिया विहार); चार पुश्ता घाट(सोनिया विहार); कालिंदी कुंज घाट; आई॰टी॰ओ॰ घाट(हाथी घाट); राम घाट; श्याम घाट; काली घाट शामिल रहे।
यह अभियान जनसहयोग, सामाजिक सहभागिता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा। इसमें स्थानीय नागरिकों, युवा शक्ति, मातृशक्ति, विभिन्न विद्यालयों तथा अनेक सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों ने उत्साह, समर्पण और उत्तरदायित्व की भावना के साथ सक्रिय सहभागिता निभाई।
अभियान के अंतर्गत यमुना तटों एवं घाटों से लगभग 71 टन कचरा एकत्रित किया गया, जिसका वैज्ञानिक एवं श्रेणीबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही “हरित घर” एवं “नदी संरक्षण” का सशक्त संदेश भी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाया गया। इस व्यापक जनभागीदारी ने अभियान को मात्र स्वच्छता कार्यक्रम तक सीमित न रखकर एक जन-जागरण एवं पर्यावरणीय चेतना के सशक्त आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुरक्षित पर्यावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
यह विराट अभियान सफल हो तथा जन-जन को यमुना स्वच्छता के प्रति प्रेरणा मिले, इसके लिए प्रदेश की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी, श्रीमान प्रवेश वर्मा (मंत्री, दिल्ली सरकार), श्रीमान राकेश जैन जी (अखिल भारतीय सह संयोजक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि), श्रीमान विशाल जी (दिल्ली प्रान्त प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) एवं श्रीमान जय कुमार गोयल जी (संयोजक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, दिल्ली प्रान्त) का सान्निध्य प्राप्त हुआ। सभी अतिथिगणों ने स्वयं यमुना जी के घाटों पर स्वच्छता अभियान में श्रमदान कर अपनी सहभागिता निभाई तथा कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। उनके प्रेरक नेतृत्व एवं सक्रिय सहयोग ने इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने और इसे एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सभी ने मिलकर माँ यमुना के स्वच्छ और सुंदर भविष्य के लिए इन तीन अति महत्वपूर्ण बिंदुओं का वचन दिया।
- पूजा सामग्री एवं कचरा यमुना में न डालेंगे !
- सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करेंगे !
- स्वच्छता और जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुँचाएँगे !
इस महाअभियान में लगभग 14,226 लोगों ने सहभागिता की, जिनमें से 2,453 से अधिक मातृ शक्ति एवं 4,254 से अधिक युवा शक्ति की उल्लेखनीय भागीदारी रही।
इस अभियान में 684 से अधिक संस्थाएं, विशेष रूप से गैर सरकारी संगठन (NGO), RWA, यूथ क्लब्स, विद्यालय आदि से जुड़े सैकड़ों स्वयंसेवकों ने प्रत्येक घाट पर यमुना सफाई रूपी इस महायज्ञ में सहभागिता की, जिससे यह अभियान एक अभूतपूर्व जनांदोलन का रूप ले सका।
इस अभियान को दिशा देने और सफलता की ओर अग्रसर करने में पर्यावरण संरक्षण गतिविधि,दिल्ली प्रान्त के कार्यकर्ताओं का व दिल्ली के जागरूक समाज का अतुल्य व सराहनीय योगदान रहा।

IVSK




