राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार जी ने स्व. अशोक सिंहल जी के साथ बिताए अपने अनुभवों और स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि अशोक जी ने अत्यंत संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में अपने जीवन का निर्माण किया। उन्होंने समाज के वंचित एवं उपेक्षित वर्गों के साथ-साथ विभिन्न जाति, समुदाय एवं संप्रदाय के लोगों तथा साधु-संतों को साथ लेकर व्यापक समाज जागरण का कार्य किया।
मुंबई, 4 अक्तूबर 2026। बजरंग दल एवं दुर्गा वाहिनी के संयुक्त तत्वाधान में श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रणेता स्व. अशोक सिंहल जी के जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर मुंबई के षण्मुखानंद सभागृह में युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में लगभग 4 हजार युवक-युवतियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर युवाओं से संवाद करते हुए बजरंग दल के केंद्रीय सह-संयोजक विवेक कुलकर्णी ने श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित ‘धर्मसंस्थापनार्थाय’ की संकल्पना का अर्थ स्पष्ट किया। छत्रपति शिवाजी महाराज के कार्यों का संदर्भ देते हुए उन्होंने हिन्दू धर्म एवं हिन्दू संस्कृति के महत्व को रेखांकित किया। ‘युवा शक्ति – हिन्दू संस्कृति – राष्ट्रनिर्माण’ की त्रिसूत्री के माध्यम से युवाओं से समाज में सांस्कृतिक मूल्यों, सामाजिक दायित्व एवं राष्ट्रभावना को स्थापित करने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार जी ने स्व. अशोक सिंहल जी के साथ बिताए अपने अनुभवों और स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि अशोक जी ने अत्यंत संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में अपने जीवन का निर्माण किया। उन्होंने समाज के वंचित एवं उपेक्षित वर्गों के साथ-साथ विभिन्न जाति, समुदाय एवं संप्रदाय के लोगों तथा साधु-संतों को साथ लेकर व्यापक समाज जागरण का कार्य किया। विभिन्न सेवा प्रकल्पों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों तक पहुंचने के अशोक सिंहल के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
महामंडलेश्वर स्वामी प्रणवानंद सरस्वती जी ने आशीर्वचन में आज की युवा पीढ़ी से ‘सोऽहम्’ आत्मबोध को स्वीकार करते हुए भारतीय संस्कृति के रक्षक एवं संवाहक बनने का आह्वान किया।
युवा सम्मेलन में समाज के प्रमुख उद्यमी, विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों सहित बड़ी संख्या में युवक-युवतियां उपस्थित रहे। सम्मेलन के माध्यम से सहभागी युवाओं ने राष्ट्रनिर्माण, हिन्दू संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन तथा समाजहित के लिए कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

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