आज का दिन
गुरुवार पौष शुक्ल सप्तमी विक्रम संवत 2079 तदनुसार 29 दिसंबर 2022
आज दशमेश गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व है। गुरु गोविंद सिंह जी धर्म रक्षा,शौर्य और न्याय की भावना का प्रतीक हैं। वह मुग़लों द्वारा हिंदुओं पर अत्याचार के विरुद्ध दृढ़ता के साथ खड़े हुए और इसके लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। उन्हे ऐसे परम बलिदान के लिए याद किया जाता है जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। उन्हें प्रायः 'सरबंस दानी' के रूप में याद किया जाता है क्योंकि उनके पिता, मां और चारों बेटों सहित पूरे परिवार ने औरंगजेब के विरुद्ध धर्म युद्ध में वीरगति प्राप्त की।
गुरु गोबिंद सिंह, गुरु तेग बहादुर (नौवें सिख गुरु) और माता गुजरी के इकलौते पुत्र थे। उनका जन्म पटना, बिहार में हुआ था।
गुरु तेगबहादुर जी ने कहा कि देश-धर्म की रक्षा के लिए किसी महापुरुष को बलिदान करना होगा। पास ही बैठे उनके पुत्र गोबिंद राय ने कहा पिता जी आपसे बड़ा महान कौन होगा।
गुरु गोबिंद सिंह जी ने देश-धर्म की रक्षा के लिए अपने चार पुत्रों अजीत सिंह, जुझार सिंह, फतेह सिंह व जोरावर सिंह को बलिदान कर दिया। इस पर उन्होंने कहा कि - इन पुत्रन के सीस पर वार दिए सुत चार, चार मुए तो क्या हुआ जीवत कई हजार।
गुरु गोबिंद सिंह जी ने वर्ष 1699 को बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की।
उन्होंने सिखों की पवित्र ग्रन्थ श्री गुरु ग्रंथ साहिब को संपूर्ण किया तथा उन्हें सिख पंथ के ग्यारहवें गुरु रूप में सुशोभित किया।

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