राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने कहा कि “हमें जीवन मूल्य आधारित विकसित भारत बनाना है। भारत के पास हजारों वर्षों की सांस्कृतिक विरासत है।
उत्तराखंड, 6 जून 2026। आईआईटी में आयोजित संगोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने कहा कि “हमें जीवन मूल्य आधारित विकसित भारत बनाना है। भारत के पास हजारों वर्षों की सांस्कृतिक विरासत है। अभी तक बाजार और तकनीकी ने हमारी सभ्यता का निर्धारण किया, अब हमें तय करना होगा कि हम अपनी संस्कृति के अनुसार कैसे जीयें। हमें चॉइस ऑफ टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ना होगा। हमें विकास करना है, लेकिन अपनी संस्कृति और जीवन मूल्यों के आधार पर। उन्होंने कहा कि कई वर्षों के प्रयासों से आज देश में राष्ट्रीय भाव जागरण होने लगा है। आज भारत की क्षमता पर पूरे विश्व का भरोसा बढ़ा है, दुनियाभर में भारत के प्रति चिंतन मनन बढ़ा है। उन्होंने व्यक्ति निर्माण में परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका बताते हुए कहा कि संस्कार परिवार से आते हैं, आउटसोर्स से नहीं। उन्होंने समाज निर्माण हेतु नैतिक कर्तव्यों के पालन पर भी जोर दिया।”
उन्होंने थिंक इंडिया की पत्रिका ‘ऋतम’ का भी विमोचन किया। संगोष्ठी की अध्यक्षता निदेशक आईआईटी प्रो. के.के. पंत ने की।

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