रविवार को संत रविदास जयंती के अवसर पर मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के वक्तव्य को मीडिया के कुछ हिस्से द्वारा तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत कर समाज में भ्रम फ़ैलाने की कोशिश की गई।
रविवार को संत रविदास जयंती के अवसर पर मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के वक्तव्य को मीडिया के कुछ हिस्से द्वारा तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत कर समाज में भ्रम फ़ैलाने की कोशिश की गई।
संत रविदास जी की 647वीं जयंती के अवसर पर रविवार को रविन्द्र नाट्य मंदिर, प्रभादेवी, मुंबई में रविदास समाज पंचायत एवं वसुधा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम को मराठी में संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा की सत्य यह है कि मैं सब प्राणियों में हूँ इसलिए रूप नाम कुछ भी हो लेकिन योग्यता एक है, मान-सम्मान एक है, सबके बारे में अपनापन है। कोई भी ऊँचा-नीचा नहीं है। शास्त्रों का आधार लेकर पंडित (विद्वान) लोग जो (जाति आधारीत ऊँच-नीच की बात) कहते हैं, वह झूठ है।
— Sunil Ambekar (@SunilAmbekarM) February 6, 2023
शरारत पूर्ण तरीके से मीडिया के कुछ हिस्से द्वारा सन्दर्भ से अलग हटकर ‘पंडित’ शब्द जो की सरसंघचालक जी ने विद्वान के लिए उपयोग किया था उसको ब्राह्मण के रूप में प्रकाशित एवं प्रसारित किया। जो की तथ्यों से परे है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने ट्वीट कर तथा विडियो वक्तव्य जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दिया।
सत्य यह है कि मैं सब प्राणियों में हूँ इसलिए रूप नाम कुछ भी हो लेकिन योग्यता एक है,मान सम्मान एक है,सबके बारे में अपनापन हैं।कोई भी ऊँचा नीचा नहीं है।शास्त्रों का आधार लेकर पंडित (विद्वान)लोग जो(जातिआधारीत ऊँच-नीच की बात)कहते हैं वह झूठ हैं-डॉ मोहनजी भागवत https://t.co/ZtbHY802kM
— Sunil Ambekar (@SunilAmbekarM) February 6, 2023

IVSK




