पुस्तक समीक्षा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का परिचय

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यदि आपके मन में भी इस तरह की जिज्ञाषा है और आप भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास, स्थापना एवं नीति रीति से परिचित होना चाहते है तो इसमें एक छोटी पुस्तक आपकी मदद करेगी। इस पुस्तक का नाम ही है ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का परिचय’। इस पुस्तक को माननीय एम जी वैद्य ने लिखा है।

सामान्य आदमी जो संघ से जुड़ा हो या नहीं जुड़ा हो, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नाम आते ही उसके अन्दर एक जिज्ञाषा पैदा होती है की आखिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है क्या? उसकी स्थापना कब, कैसे और क्यों हुई? इस तरह के बहुतेरे प्रश्न एवं जिज्ञाषा मन में पैदा होते लेकिन उनका समुचित उत्तर नहीं मिल पाता है।    

यदि आपके मन में भी इस तरह की जिज्ञाषा है और आप भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास, स्थापना एवं नीति रीति से परिचित होना चाहते है तो इसमें एक छोटी पुस्तक आपकी मदद करेगी। इस पुस्तक का नाम ही है ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का परिचय’। इस पुस्तक को माननीय एम जी वैद्य ने लिखा है।

इस पुस्तक को पढ़ते ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े इन मूल प्रश्नों का उत्तर आपको मिल जायेगा। आप यह जान पाएंगे की आखिर संघ के प्रथम सरसंघचालक डॉ. केशव बलराम हेडगेवार जी ने क्यों, कैसे और किन परिस्थितियों में की संघ स्थापना की? आखिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्थापना का उद्देश्य क्या था?

आप यह भी जान पाएंगे की संघ का नाम आखिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ही क्यों रखा गया? इसमें ‘संघ’ का अर्थ क्या है? ‘स्वयंसेवक’ का अर्थ क्या है? संघ के दृष्टिकोण में ‘राष्ट्रीय’ का अर्थ क्या है? इन सभी प्रश्नों का उत्तर आप इस पुस्तक में प्राप्त कर पाएंगे।

संघ के कार्यक्रम क्या है? संघ के आयाम कौन-कौन से है? संघ की रीति-नीति क्या है? संघ की प्रार्थना एवं उसका अर्थ, यह सब कुछ संक्षेप में इस पुस्तक में पढ़ पाएंगे।

इस पुस्तक में आपको राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी सरसंघचालकों का परिचय भी प्राप्त होगा।

इस पुस्तक की मूल्य मात्र 25 रूपये है। यह पुस्तक एक बार जरुर पढ़ें।  

 

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