हर भारतीय भारत माता की पूजा करेगा, तो भारत का गौरव ज़रूर लौटेगा – डॉ. मोहन भागवत जी

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि यश पाना ही सब कुछ नहीं है। यश पाने के साथ-साथ व्यक्ति का सार्थक बनना भी ज़रूरी है, और यशस्विता का उपयोग सबकी भलाई के लिए करना चाहिए।

नागपुर, 26 अप्रैल 2026। नाग भूषण अवॉर्ड फाउंडेशन द्वारा आयोजित नाग भूषण समारोह-२०२५ समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि यश पाना ही सब कुछ नहीं है। यश पाने के साथ-साथ व्यक्ति का सार्थक बनना भी ज़रूरी है, और यशस्विता का उपयोग सबकी भलाई के लिए करना चाहिए।

समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के वित्त और योजना राज्य मंत्री आशीष जयसवाल, पूर्व सांसद तथा फाऊंडेशन के अध्यक्ष अजय संचेती भी उपस्थित थे। समारोह में सोलर इंडस्ट्री इंडिया के चेयरमैन पद्मश्री सत्यनारायण नुवाल को प्रतिष्ठित नाग भूषण पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया, जबकि ‘आयरन मैन ऑस्ट्रेलिया’ कॉम्पिटिशन के विजेता दक्ष खंते को सम्मानित किया गया।

सरसंघचालक जी ने कहा कि दुनिया में शक्ति बहुत ज़रूरी है। इसके बिना कुछ नहीं हो सकता। लेकिन, अगर शक्ति को फलदायिनी बनाना है, तो शक्तिमान लोगों को सिर्फ़ यश पाने पर ध्यान नहीं देना चाहिए। यश दूसरों को प्रेरित करता है और यह ज़्यादा ज़रूरी है। जब शक्ति के साथ विनम्रता हो, तभी वह सफल होती है। सफलता के साथ विनम्रता, कृतज्ञता का भाव ज़रूरी है। यश पाते हुए इंसान का सार्थक बनना भी उतना ही ज़रूरी है। पिछले 200 वर्षों में हमारे देश में जितने भी महान लोग हुए हैं, उनके जीवन में 90 परसेंट परस्पिरेशन और 10 परसेंट इन्सपिरेशन का सूत्र देखा गया है। मैं और मेरा परिवार के दायरे से बाहर निकलकर अपनेपन के दायरे को बढ़ाएंगे, उतना ही मिला हुआ यश सार्थक होगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी ने कहा कि कठिन और चुनौतीपूर्ण हालात में भी कितना बड़ा काम किया जा सकता है और कामयाबी की ऊंचाई तक पहुंचा जा सकता है, यह उदाहरण सत्यनारायण नुवाल ने प्रस्तुत किया है। नुवाल जी ने इस क्षेत्र में ऐसे समय में कदम रखा था, जब देश के डिफेंस इक्विपमेंट प्रोडक्शन के फील्ड में प्राइवेट सेक्टर कितनी तरक्की करेगा, इस बारे में कोई पक्का नहीं था, और अब यह इंडस्ट्री कामयाबी की ऊंचाई पर पहुंच रही है। इस मौके पर हमने दिखाया है कि भारत भी दुनिया में सबसे अच्छी क्वालिटी के हथियार बना सकता है। ऑपरेशन सिंदूर में भी सोलर इंडस्ट्री के योगदान ने बहुत अहम भूमिका निभाई है। दक्ष खंते ने जो कामयाबी हासिल की है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। वह आज की युवा पीढ़ी के लिए एक रोल मॉडल हैं, वह नई पीढ़ी को भी इसी तरह प्रेरित करेंगे।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी ने कहा कि भारत की डिफेंस ताकत को बढ़ाना बहुत ज़रूरी है ताकि दुनिया में शांति बनी रहे, अच्छी ताकतों का असर बना रहे और बुरी ताकतों पर लगातार नियंत्रण रहे। इसी को ध्यान में रखते हुए देश में डिफेंस टेक्नोलॉजी का डेवलपमेंट किया जा रहा है।

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