संघ की शताब्दी यात्रा संगठन, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की यात्रा है

IVSK

वर्ग में 231 स्थानों से 277 शिक्षार्थियों ने सहभागिता की। इनमें 97 कर्मचारी, 57 व्यवसायी, 8 किसान एवं श्रमिक तथा 115 महाविद्यालय एवं तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी सम्मिलित रहे।

जयपुर, 7 जून 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राजस्थान क्षेत्र के कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम (सामान्य) का समापन समारोह शनिवार सायं सूरज मैदान, आदर्श नगर, जयपुर में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि सरदार राजन सिंह जी, प्रधान गुरुद्वारा साहिब, जवाहर नगर रहे तथा मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राजस्थान क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल जी रहे।

समारोह में राजस्थान क्षेत्र के विभिन्न जिलों एवं स्थानों से आए शिक्षार्थियों ने शारीरिक प्रशिक्षण, सामूहिक कार्यक्रमों एवं विविध कौशल का प्रभावी प्रदर्शन किया। वर्ग में 231 स्थानों से 277 शिक्षार्थियों ने सहभागिता की। इनमें 97 कर्मचारी, 57 व्यवसायी, 8 किसान एवं श्रमिक तथा 115 महाविद्यालय एवं तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी सम्मिलित रहे।

क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा संगठन, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की सतत साधना की यात्रा है। संघ की स्थापना ऐसे समय में हुई थी, जब समाज में देश के प्रति निराशा का वातावरण था, किंतु डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रजीवन के पुनर्निर्माण के लिए दैनन्दिन शाखा की कार्यपद्धति के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण से राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि संघ की दैनन्दिन शाखा स्वयंसेवकों में अनुशासन, संगठन क्षमता, नेतृत्व, सेवा, बंधुता और राष्ट्रभक्ति जैसे असाधारण गुणों का विकास करती है। प्रारम्भ में उपेक्षा और विरोध का सामना करने वाला संघ आज समाज के व्यापक सहयोग और स्वीकार्यता का केंद्र बन चुका है तथा बड़ी संख्या में युवा स्वयं प्रेरणा से संघ के साथ जुड़ना चाहते हैं।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि पिछले 100 वर्षों में संघ ने विभाजन काल में विस्थापितों की सेवा, गौसंरक्षण आंदोलन, श्री रामजन्मभूमि आंदोलन, रामसेतु संरक्षण, कोरोना कालीन सेवा कार्यों सहित अनेक राष्ट्रीय अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Related Posts you may like

इंद्रप्रस्थ संवाद - नवीन अंक