राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख कार्यवाहिका सीता गायत्री अन्नदानम जी ने कहा कि राष्ट्र जागरण की बेला में हम सब ने राष्ट्र की उन्नति के लिए एकात्म होकर काम करने का संकल्प लेना है। साधना से हमारे अंदर ताकत आती है। पराभव नाम संवत्सर में हमें अपने देश को विजय की और ले जाना है।
नागपुर, 08 जून 2026। राष्ट्र सेविका समिति का प्रवीण वर्ग रेशिमबाग परिसर में सोमवार से प्रारंभ हुआ। वर्ग के उद्घाटन सत्र में सेविका समिति की प्रमुख कार्यवाहिका सीता गायत्री अन्नदानम जी ने कहा कि समिति की स्थापना का 90वां वर्ष चल रहा है और इस वर्ष में होने वाले प्रवीण वर्ग में उपस्थित आप सभी का विशेष अभिनन्दन करती हूं। हम प्रवीण वर्ग में साधना करने और अपने संगठन के लिए उपयुक्त गुणों का संवर्धन कर और समाज रूपी ईश्वर की सेवा करने योग्य बनने के लिए आए हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र जागरण की बेला में हम सब ने राष्ट्र की उन्नति के लिए एकात्म होकर काम करने का संकल्प लेना है। साधना से हमारे अंदर ताकत आती है। पराभव नाम संवत्सर में हमें अपने देश को विजय की और ले जाना है।
वर्ग के उद्घाटन अवसर पर प्रमुख संचालिका शांताक्का जी, वर्ग अधिकारी मुक्ता ठाकुर जी (हिमाचल प्रांत कार्यवाहिका) मंच पर उपस्थित रही। प्रवीण वर्ग में देश के 27 प्रांत और नेपाल से 112 प्रशिक्षणार्थी सहभागी हैं। वर्ग 8 जून से 24 जून तक चलेगा।
प्रमुख कार्यवाहिका जी ने कहा कि बौद्ध धर्म के तीन सूत्र हैं, उसे हम बौद्ध त्रिकूट कहते हैं।
बुद्धं शरणं गच्छामि, संघ शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि।
उन्होंने कहा कि हम समाज का विराट दर्शन करने संगठन में आए हैं। हमें ब्रह्मतेज, क्षात्रतेज का अर्जन कर समाज को जागृत करना है। हमें प्रबुद्ध बनना है, और देश की सेवा में लग जाना है। प्रवीण के पश्चात हमें ध्येय पथ पर चलते जाना है।

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