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लोकमंथन यात्रा का डिडाणिया में स्वागत; नशामुक्ति व पॉलीथीन मुक्त गांव का लिया संकल्प

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अखिल भारतीय संयोजक जे. नंदकुमार जी ने कहा कि लोकज्ञान और शास्त्रीय ज्ञान को भारतीय ज्ञान परंपरा के परस्पर पूरक आयाम है। भारत की सभ्यता का निर्माण गांवों, वनों, पर्वतों, नदियों और लोकजीवन के सतत संवाद से हुआ है।

 

जयपुर, 3 सितंबर 2026। लोकमंथन 2026 जयपुर के तहत वैचारिक समूह के संगठनों की ओर से निकाली जा रही लोकमंथन (लोक दर्शन) यात्रा का शुभारंभ बुधवार को लोकदेवता बाबा रामदेव की पावन समाधि रामदेवरा से हुआ।

विधिवत पूजन एवं राष्ट्रघोष के साथ यात्रा को रवाना किया गया। रामदेवरा में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय लोकजीवन, ज्ञान परंपरा, संस्कृति और सामाजिक चेतना से जुड़े विभिन्न विषयों पर वक्ताओं ने विचार रखे।

कार्यक्रम में प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक जे. नंदकुमार जी ने भारतीय संवाद परंपरा की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में संवाद केवल दो व्यक्तियों के बीच का विषय नहीं रहा, बल्कि यहां समाज के विभिन्न वर्गों के साथ प्रकृति और समस्त जीव-जगत को भी व्यापक विमर्श का हिस्सा माना गया है। उन्होंने लोकज्ञान और शास्त्रीय ज्ञान को भारतीय ज्ञान परंपरा के परस्पर पूरक आयाम बताते हुए कहा कि भारत की सभ्यता का निर्माण गांवों, वनों, पर्वतों, नदियों और लोकजीवन के सतत संवाद से हुआ है।

रामदेवरा से रवाना होकर लोकमंथन यात्रा डिडाणिया पहुंची, जहां ग्रामीणों ने कलश यात्रा निकालकर यात्रा रथ का भव्य स्वागत किया। बिडाणियों की ढाणी में पारंपरिक वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई। इसके बाद देवगिरी जी मंदिर में दर्शन किए गए तथा मंदिर परिसर में वृक्षारोपण किया गया।

कार्यक्रम में जल संरक्षण, नारी सम्मान, मातृभाषा एवं स्थानीय बोली के संरक्षण तथा मोबाइल और रील संस्कृति से संयमित रहने जैसे सामाजिक विषयों पर भी लोक प्रस्तुतियों के माध्यम से संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में ग्रामवासियों ने डिडाणिया गांव को नशामुक्त एवं पॉलीथीन मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। इसके बाद लोकमंथन यात्रा अपने अगले पड़ाव जैसलमेर के लिए रवाना हुई।

 

 

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