राष्ट्रीय विचार की यात्रा है ‘राष्ट्रधर्म’ – स्वांत रंजन जी

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन जी ने कहा कि राष्ट्रीय विचारों की यात्रा है राष्ट्रधर्म। इसमें निरन्तरता बनी रहनी चाहिये और इसे समाज के सभी वर्गों तक पहुँचना चाहिये।

लखनऊ, 2 सितंबर 2026। राष्ट्रधर्म मासिक पत्रिका के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन जी ने कहा कि राष्ट्रीय विचारों की यात्रा है राष्ट्रधर्म। इसमें निरन्तरता बनी रहनी चाहिये और इसे समाज के सभी वर्गों तक पहुँचना चाहिये।

उन्होंने कहा कि आज समाज में विचारों को भ्रमित करने का कार्य किया जा रहा है। जिससे सतर्क रहने और इसे समझने की आवश्यकता है। ऐसी परिस्थिति में राष्ट्रधर्म जैसी पत्रिका का महत्त्व अत्यधिक बढ़ जाता है क्योंकि यह राष्ट्रीय विचारों के साथ निश्चित दिशा में चलकर समाज, संस्कृति और राष्ट्र हित का कार्य कर रही है। इसी क्रम में स्वांत रंजन जी ने दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और भाउराव देवरस के प्रयासों का उल्लेख किया।

इस अवसर पर राष्ट्रधर्म के संस्थापक निदेशक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयन्ती के उपलक्ष्य में आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में राष्ट्रधर्म के सितम्बर अंक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. ए.पी. तिवारी ने की। कार्यक्रम का संचालन प्रो. ओमप्रकाश सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सर्वेश चन्द्र द्विवेदी ने किया।

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