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समाज को संगठित कर राष्ट्रहित में निःस्वार्थ भाव से कार्य करना ही संघ कार्य का ध्येय: डॉ. कृष्ण गोपाल जी

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मोतिहारी में श्री विजयादशमी उत्सव पर सह सरकार्यवाह ने कहा कि नव भारत के निर्माण के लिए सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों से जुड़ना आवश्यक है। 

मोतिहारी, 15 अक्टूबर 2026। श्री विजयादशमी के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मोतिहारी जिला ने स्थानीय नरसिंह बाबा मंदिर परिसर में शस्त्र पूजन व पथ संचलन का आयोजन किया।

मुख्य वक्ता सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि विजय केवल शस्त्रों से नहीं, बल्कि समाज के संगठित होने और नैतिक रूप से सुदृढ़ होने पर मिलती है। संघ की स्थापना का मूल ध्येय भी यही है कि पूरा समाज संगठित हो। नव भारत का निर्माण केवल आधुनिक तकनीक या आर्थिक प्रगति से नहीं होगा, बल्कि इसके लिए हमें अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों की ओर लौटना होगा। भारत के प्राचीन सांस्कृतिक लोकाचार इतने समृद्ध हैं कि वे बदलते समय के साथ वैश्विक चुनौतियों का सामना करने और दुनिया को सही राह दिखाने में पूरी तरह सक्षम हैं।

उन्होंने संघ शताब्दी वर्ष की यात्रा के संदर्भों को रेखांकित करते हुए कहा कि संघ कार्य कोई सेलिब्रेशन या उत्सव नहीं है, बल्कि यह निरंतर आत्म-साधना और समाज के लिए प्रामाणिकता व निःस्वार्थ भाव से जीने का संकल्प है। देश को परम वैभव संपन्न तथा विश्वगुरु बनाना किसी व्यक्ति विशेष या संस्था के वश में नहीं है, बल्कि इसके लिए देश के समस्त नागरिकों को निःस्वार्थ बुद्धि से राष्ट्रहित में जीना होगा। विजयादशमी का उत्सव हमें अपनी शक्ति को पहचानने और समाज की आत्म-विस्मृति को दूर कर राष्ट्रीय चेतना जगाने का संदेश देता है।

मुख्य अतिथि डायट प्रशिक्षण संस्थान की प्राचार्या अर्चना कुमारी जी ने वर्तमान सामाजिक परिवेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका पर प्रकाश डाला।

 

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