Latest News
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी, सुनील आंबेकर जी और रघुनंदन जी ने किया माजुली का भ्रमण, सत्राधिकारों से की भेंट और कला-संस्कृति की ली जानकारी    ||     नागपुर में 20 अक्टूबर को संघ का श्री विजयादशमी उत्सव, डॉ. मोहन भागवत जी करेंगे उद्बोधन    ||     विजयादशमी उत्सव में अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. मनमोहन वैद्य जी ने किया पंच परिवर्तन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का आह्वान    ||     प्रचारक श्रद्धेय विनोद जी के आदर्शों को आचरण में उतारना ही सच्ची श्रद्धांजलि: दीपक विस्पुते जी    ||     श्रद्धेय अशोक सिंहल जन्मशताब्दी वर्ष का शुभारंभ, गौ-विज्ञान अनुसंधान केंद्र में पांच प्रकल्पों का लोकार्पण और दो की घोषणा- डॉ. मोहन भागवत जी     ||    

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी, सुनील आंबेकर जी और रघुनंदन जी ने किया माजुली का भ्रमण, सत्राधिकारों से की भेंट और कला-संस्कृति की ली जानकारी

IVSK


अखंड भागवत पाठ में शामिल होकर किया भागवत श्रवण, मिशिंग जनजातीय क्षेत्र की कला-संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के प्रयासों के प्रति व्यक्त किया सम्मान। 

माजुली, अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी तथा विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के संगठन मंत्री रघुनंदन जी 13 अक्तूबर को एक दिवसीय कार्यक्रम के तहत सत्र नगरी माजुली के भ्रमण पर आए।

प्रातः कमलाबाड़ी घाट पार कर माजुली पहुंचने के बाद जलपान करके श्रीश्री औनियाटी सत्र के दर्शन के लिए गए। औनियाटी सत्र के दर्शन के पश्चात उन्होंने सत्राधिकार प्रभु ईश्वर श्रीश्री पीतांबर देव गोस्वामी जी से भेंट की और उनके साथ विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया।

उन्होंने श्रीश्री उत्तर कमलाबाड़ी सत्र के दर्शन किए तथा सत्राधिकार प्रभु ईश्वर श्रीश्री जनार्दन देव गोस्वामी जी से भेंट कर उनके साथ भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

दोनों सत्रों के दर्शन करने तथा दोनों सत्राधिकारों एवं भक्त-वैष्णवों के साथ संवाद करने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें माजुली की कला-संस्कृति, भौगोलिक परिवेश और जनसांख्यिकीय संरचना के संबंध में अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुईं।

वे मिशिंग जनजातीय क्षेत्र के बाहपरा नामघर में आयोजित अखंड भागवत पाठ कार्यक्रम में पहुंचे। वहां उन्होंने भागवत श्रवण किया, और श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया। मिशिंग जनजातीय क्षेत्र में इस प्रकार के धार्मिक आयोजन के माध्यम से गुरुजनों की कला-संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने के प्रयास के लिए उन्होंने सभी को प्रणाम किया।

दोपहर बाद ऑफलामुख घाट पार कर माजुली से विदा हुए।

अखिल भारतीय अधिकारियों के भ्रमण के दौरान उत्तर असम प्रांत के सह व्यवस्था प्रमुख कानुराम डेका जी सहित अन्य कार्यकर्ता उनके साथ उपस्थित रहे।

Related Posts you may like

इंद्रप्रस्थ संवाद - नवीन अंक